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जब टाइगर सफारी बन सकता है तो काऊ सफारी क्यों नहींजैतवारा में गौचर भूमि चिन्हांकन अभियान तेज, 1.365 एकड़ शासकीय भूमि की हुई पहचान,

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जैतवारा (जिला सतना)।
“जब टाइगर सफारी बन सकता है तो काऊ सफारी क्यों नहीं” अभियान के अंतर्गत टीम नेचुरल काऊ सफारी के सतत प्रयासों से नगर परिषद जैतवारा क्षेत्र में गौचर (चरनोई) भूमि को चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
दिनांक 26 दिसंबर 2025 को नायब तहसीलदार वृत्त जैतवारा द्वारा गठित राजस्व टीम ने वार्ड क्रमांक 1 स्थित सती दाई मंदिर के पास शासकीय संजय निकुंज नर्सरी के समीप स्थित गौचर भूमि का मौके पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लगभग 1.365 एकड़ शासकीय गौचर भूमि को चिन्हित किया गया।
इस कार्रवाई में राजस्व निरीक्षक अरुण सिंह, हल्का पटवारी जैतवारा मनोज पटेल तथा मध्यप्रदेश कोटवार शामिल रहे। मौके पर टीम नेचुरल काऊ सफारी के अध्यक्ष राज नारायण मिश्रा, उप संचालक चंद्रकांत पाठक, गोसेवक संतोष गौतम, अजीत, विस्सू दहिया सहित स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
इसके साथ ही वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद चंद्रभूषण तिवारी, रघुराज किशोर तिवारी एवं अन्य स्थानीय रहवासियों की भी उपस्थिति रही।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद जैतवारा क्षेत्र अंतर्गत दर्ज शासकीय गौचर/चरनोई भूमि को चिन्हित करने, सीमांकन कराने एवं अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान दिनांक 18 दिसंबर 2025 से प्रारंभ हो चुका है, जिसे प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों का सहयोग मिल रहा है।
टीम नेचुरल काऊ सफारी ने इसे गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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