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शहपुरा विकासखंड अंतर्गत बरबसपुर गांव में स्थान गुरुधाम तमकेश्वर आश्रम बरबसपुर (मानिकपुर) श्रीमद् भागवत महापुराण साप्ताहिक महायज्ञ संगीतमय कथा का समापन बुधवार को हुआ कथा की अंतिम दिन कथावाचक मुकेश तिवारी जी ने सुदामा प्रसंग का वर्णन सुनाते हुए कहा-भगवान श्री कृष्ण ने अपने पुराने सखा जो दीन हीन हाल में थे। उनके चरण पखार कर चावल का रसास्वादन किया। तीन मुटठी चावल के बदले तीन लोकों का राज्य देने का मन बना लिया था। मित्रता में एक दूसरे का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है इसमें कोई छोटा बड़ा नहीं होता। सत्ता पाकर व्यक्ति को घमंड नहीं करना चाहिए। उसे श्री कृष्ण जैसा विनम्रता व उदारता का आचरण अपनाना चाहिए। जो इंसान श्री कृष्ण जैसा आचरण अपना लेता है। वह संसार के मोह माया से पूरी तरह त्याग कर देता है।











