करौंदी के शिवशक्ति चौक चौगान में भक्ति की बयार, दिन में देवी भागवत, तो रात में रामलीला का मंचन,सुखदेव महाराज के मुखारबिंद से देवी पुराण का वाचन

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श्रीमद् देवी भागवत महापुराण में देवी के चरित्रों का हो रहा वर्णन, संगीतमय आरती में शामिल हो रहे श्रद्धालु… संस्कार रामलीला मंडली की प्रस्तुतियां भी बनीं आकर्षण का केंद्र

करौंदी। शारदेय नवरात्र के पावन अवसर पर ग्राम करौंदी के शिवशक्ति चौक, चौगान में धार्मिक उत्सव की धूम मची हुई है। सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति द्वारा यहां श्रीमद् देवी भागवत महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। लगातार तीन दिनों से चल रहे इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं। दिन में देवी भागवत कथा और रात में रामलीला के मनमोहक मंचन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।

धनुआसागर से पधारे पौराणिक पंडित शुकदेव द्विवेदी शास्त्री द्वारा श्रीमद् देवी भागवत महापुराण का वाचन किया जा रहा है। कथा के दौरान देवी के विभिन्न चरित्रों, उनकी महिमा और धार्मिक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जा रहा है। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ कथा सुन रहे हैं। नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में देवी की आराधना के साथ धर्म और आध्यात्मिकता का संदेश भी दिया जा रहा है।

संगीतमय आरती में शामिल हो रहे श्रद्धालु

आयोजन के दौरान प्रतिदिन संगीतमय आरती भी की जाती है। आरती के समय भक्ति गीतों और संगीत से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। श्रद्धालु आरती में शामिल होकर मां दुर्गा की आराधना करते हैं और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हैं। धार्मिक आयोजन के चलते शिवशक्ति चौक चौगान में नवरात्र का उत्साह देखते ही बन रहा है।

रात में संस्कार रामलीला मंडली की मनमोहक प्रस्तुतियां

वहीं, रात के समय संस्कार रामलीला मंडली द्वारा रामलीला का मनमोहक मंचन किया जा रहा है। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। रामायण के प्रसंगों को अभिनय और संवादों के माध्यम से मंच पर जीवंत किया जा रहा है। रामलीला देखने के लिए भी बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं।

धर्म, आस्था और संस्कृति का संगम

शारदेय नवरात्र के दौरान आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण, संगीतमय आरती और रामलीला मंचन ने करौंदी में धार्मिक उत्सव को विशेष बना दिया है। दिन में देवी की कथा और आराधना तो रात में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन लोगों को धर्म और संस्कृति से जोड़ रहा है। सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति का यह आयोजन नवरात्र के उत्साह के बीच ग्रामीणों को एक साथ जुड़ने और धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का अवसर प्रदान कर रहा है।

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