शहपुरा – मुनिश्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज, जो आचार्य विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य एवं दिगंबर जैन समाज के ओजस्वी वक्ता, लेखक और प्रखर चिंतक हैं, उनका रविवार को शहपुरा नगर (जिला डिंडौरी) में भव्य आगमन हुआ। उनके आगमन से जैन समाज सहित नगरवासियों में अत्यंत उत्साह का वातावरण रहा। मुनिश्री ने संस्कार पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए नैतिक जीवन, संस्कार, संयम और आध्यात्मिकता का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन में भौतिक प्रगति के साथ-साथ चरित्र निर्माण और आत्मसंयम अत्यंत आवश्यक है। मुनिश्री ने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर परिश्रम करने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो मनुष्य को श्रेष्ठ इंसान बनाए और समाज में सद्भावना का वातावरण स्थापित करे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के सदस्य, विद्यार्थी, शिक्षक एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुनिश्री के प्रवचन से उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा।











