डिंडौरी : 12 जनवरी, 2026
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर जेपी यादव, सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र कुमार जाटव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय, एलडीएम रविशंकर सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने समय सीमा बैठक में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की गहन समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही साथ कलेक्टर ने कहा की आगामी माह में किसी भी विभाग की सीएम हेल्पलाइन नॉन अंटेड नहीं होनी चाहिए, जिन अधिकारीयो के द्वारा सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण में लापरवाही की जाती है तो उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाऐगी और 50 दिवस से अधिक प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि कर्मचारी संघ समिति से चर्चा कर कार्यालयीन अधिकारी कर्मचारियों के वेतन देयक, समयमान वेतनमान, एग्रीमेंट, वेतनवृद्धि, क्रमोन्नति, पेंशन प्रकरण एवं अन्य कर्मचारी से संबंधित समस्याओं का एक सप्ताह के अन्दर प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। जिन अधिकारियों के द्वारा इसमें लापरवाही की जाएगी उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर ने नगर परिषद अधिकारी को निर्देश दिए कि बाजार में किसी भी दुकानदार के पास पॉलीथिन का उपयोग करते पाए जाने पर कार्यवाही की जाए। पॉलीथिन के स्थान पर दोना-पत्तल का उपयोग किया जाए। नर्मदा जयंती के अवसर पर समस्त भक्तजनों से अपील की है कि डीजे और भंडारा एसडीएम की अनुमति से मुख्य बस स्टेण्ड प्रांगण में वितरण किया जाए जिससे बाहर से आने वाले श्रृद्धालुओं को घाटों पर किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही साथ कलेक्टर ने एसडीएम, एसडीओपी, पुलिस को जिले के समस्त घाटों पर सुरक्षा की दृष्टि से व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सुगद टूरी कार्यक्रम को सफल बनाने के उद्देश्य से बीएमओ, सीडीपीओ को 13 जनवरी को जिला मुख्यालय से आवश्यक सामग्री ले जाने को कहा। और आयोजित कैम्प स्थल का 17 जनवरी को संबंधित अधिकारी को व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए ताकि आयोजित 19 जनवरी कैम्प सफलतापूर्वक संपन्न हो।
कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार निर्देश दिए कि जिले के समस्त पेट्रोल पंपों में 1 फरवरी से बिना हैलमेट लगाए वाहन संचालकों को पेट्रोल न दिए जाने की व्यवस्था की जाए।
कलेक्टर ने सूर्य घर मुफत बिजली योजना को सफल बनाने हेतु एसडीएम, शहपुरा, बजाग, डिण्डौरी, कंरजिया एवं समस्त तहसीलदार को सोर उर्जा के तहत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए ऐसे ग्राम जो नदी के किनारे किसानों की भूमि है जहां पर सोलर पैनल के द्वारा सिंचाई के उपकरण स्थापित किए जा सके ऐसे लगभग 1000 पात्र किसानों के आवेदन तैयार किये जाए।
कलेक्टर ने समस्त एसडीएम को निर्देशित किया कि समनापुर, बजाग, करंजिया एवं शहपुरा विकासखंडों में निर्धारित दिन को लगने वाले हाट बजार में जैविक उत्पादों के हाट बाजार नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, जिससे स्थानीय उत्पाद को उचित बाजार उपलब्ध हो सके और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण जैविक उत्पाद प्राप्त हों।
इसी क्रम में कलेक्टर ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग को निर्देश दिए कि जिले में नई सहकारी दुग्ध समितियों का गठन किया जाए, नए मिल्क रूट विकसित किए जाएं तथा निष्क्रिय दुग्ध समितियों को पुनः सक्रिय कर दुग्ध संग्रहण एवं विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। इससे पशुपालकों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिले और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
कलेक्टर ने सीपी ग्राम एवं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की जानकारी लेते हुए पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता की स्थिति, शासकीय एवं निजी स्कूलों में शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, नगरीय क्षेत्रों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृति, आवंटन एवं प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही जिले में धान तथा कोदो-कुटकी उपार्जन की स्थिति, उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाएं एवं नरवाई प्रबंधन की कार्यवाही पर भी चर्चा की गई।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने राजस्व अधिकारियों को बटवारा, सीमांकन, नामांतरण, फौतीनामा, राजस्व वसूली, ईकेवायसी सहित अन्य कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, सहकारिता, एनआरएलएम, खाद्य विभाग, आत्मा, स्वच्छ भारत मिशन, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग को अपनी विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं विकास कार्यों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।











