डिंडोरी। जिले में भारी बारिश के बाद जर्जर पुलों की हालत ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है… जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर ग्राम बरगांव में सिलगी नदी के ऊपर बना अंग्रेजों के जमाने का पुल अब हादसे को न्योता देता नजर आ रहा है… पुल का एक पिलर का सामने का हिस्सा टूट चुका है, वहीं जगह-जगह दरारें साफ दिखाई दे रही हैं… इसके बावजूद इसी पुल से रोजाना हजारों वाहन गुजर रहे हैं…ग्रामीणों का कहना है की पिलर टूट जाने से अगर कोई भारी वाहन यहां से गुजरा तो पुल टूट सकता है और जबलपुर अमरकंटक को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क में आवाजाही बंद हो सकती है वही करीब 4 वर्ष पहले इसी पुल के दो पिलर भारी वाहन के गुजरने से टूट चुका है .जानकारी क़े मुताबित लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड में मध्य प्रदेश के करीब 253 पुल जर्जर श्रेणी में चिन्हित हैं, जिनमें 46 पुलों की स्थिति बेहद खतरनाक बताई गई है… नियमों के मुताबिक 15 जून तक पुलों का सुरक्षा ऑडिट होना था, लेकिन कई जगहों पर सर्वे तक पूरा नहीं हो सका… ऐसे में सवाल अब सवाल है की क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? आखिर कब तक इन जर्जर पुलों पर लोगों की जान जोखिम में डालकर आवागमन जारी रहेगा?









