शहपुरा। स्थानीय श्रीराम मंदिर प्रांगण में प्रति वर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी पवित्र श्रावण मास में पंडित मानवेंद्र शास्त्री ‘पौड़ी वाले’ के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत पुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। सार्वजनिक सहयोग से विगत कई वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा में नगर एवं क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
कथा में महिला-पुरुष, बच्चे, युवा एवं वृद्ध सभी वर्गों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिल रही है। पंडित मानवेंद्र शास्त्री विद्वान एवं कुशल कथा-वक्ता हैं। वे भागवत कथा के प्रसंगों को सरल, सहज एवं प्रभावी भाषा में प्रस्तुत करते हुए उनके आध्यात्मिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
विशेष बात यह है कि कथा के साथ-साथ व्यासपीठ से नैतिक शिक्षा, वसुधैव कुटुम्बकम्, पारिवारिक समन्वय, सामाजिक समरसता, संस्कार, स्वच्छता, वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे समसामयिक विषयों पर भी जनजागरण का संदेश दिया जा रहा है। उनकी सरल एवं प्रभावशाली संवाद शैली श्रद्धालुओं को सहज रूप से जोड़ती है और सतत विकास तथा संस्कारमय समाज के निर्माण की प्रेरणा देती है।
कथा के दौरान नगर के प्रतिष्ठित नागरिक एवं श्रद्धालु भी अपनी सेवाएं देकर पूजन, आरती एवं भंडारे की व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं। सामूहिक सहभागिता से श्रीराम मंदिर परिसर में प्रतिदिन भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो रहा है।

आज की कथा में भगवान भक्त प्रह्लाद के चरित्र एवं उनकी अटूट भक्ति का मार्मिक वर्णन किया गया, जिसमें सत्य, धर्म और ईश्वर के प्रति अडिग विश्वास का संदेश दिया गया।
वहीं कल की कथा का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव रहेगा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है और श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग को भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाए जाने की तैयारी है।










