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कैरियर काउंसलिंग के विद्यार्थियों को मिला नि:शुल्क जैविक खेती का प्रशिक्षण

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गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि, पर्यावरण व स्वास्थ्य में होगा सुधार

डिण्डौरी
शासकीय हाई स्कूल चंदवाही, विकासखंड शहपुरा में कैरियर काउंसलिंग के कार्यक्रम का आयोजित अंतर्गत अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गौवंश आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक कृषि के साथ आधुनिक, टिकाऊ एवं पर्यावरण-सम्मत खेती पद्धतियों से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम में नर्मदांचल गौ सेवा समिति के अध्यक्ष एवं जैविक कृषि विशेषज्ञ  बिहारी लाल साहू ने रासायनिक, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के बीच अंतर को सरल भाषा में समझाया।
प्रशिक्षण के दौरान केंचुआ खाद निर्माण, बीजोपचार की वैज्ञानिक प्रक्रिया, बीज को उक्ठा जैसे रोग से बचाने के उपाय, जीवामृत, अग्नि अस्त्र के माध्यम से कीट नियंत्रण तथा मृदा परीक्षण की विस्तृत जानकारी दी गई।
श्री साहू ने कहा कि गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से मृदा की उर्वरता बढ़ती है, पर्यावरण संरक्षण होता है और मानव स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आदिवासी बहुल्य जिला डिण्डौरी जैसे क्षेत्रों में यह खेती स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकती है।
इसी कार्यक्रम के तहत पीएचडी मुनीराम यादव ने भी अपना अनुभव विद्यार्थियों के बीच साझा किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यालय के प्राचार्य खेमलाल साहू, शिक्षक नंदलाल यादव, सुरेन्द्र साहू, महेन्द्र साहू, विनय साहू, पुष्पराज साहू तथा विद्यालय के समस्त स्टाफ की उपस्थिति में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैरियर काउंसलिंग के 37 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशिक्षण में गहरी रुचि लेते हुए भविष्य में जैविक खेती अपनाने की इच्छा व्यक्त की।
यह पहल विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में दक्ष बनाने के साथ-साथ उन्हें रोजगारोन्मुखी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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