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मुख्य नगर पालिका अधिकारी रीना सिंह राठौर हुई निलंबित ,नगर पंचायत अध्यक्ष के द्वारा की गई शिकायत में जांच के बाद कार्यवाही

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डिंडोरी

मिली जानकारी के अनुसार श्रीमति शालिनी अरुण अग्रवाल अध्यक्ष, नगर परिषद्, शहपुरा जिला डिण्डौरी द्वारा अवगत कराया गया है, कि सुश्री रीना सिंह राठौर मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा निकाय में नियम विरूद्ध तरीके से जेम पोर्टल एवं ऑफलाईन के माध्यम से अपने पसंदीदा ठेकेदारों से अधिक दर पर सामग्री क्रथ की जा रही है एवं कोटेशन के माध्यम से निर्माण कार्य कराया जाकर शासन की राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है।

  1. यह कि इसी प्रकार सुश्री राठौर द्वारा बिना सक्षम स्वीकृति के नगर में टीन शेड का निर्माण कार्य एमआरएफ सेंटर में कराया जा रहा है। सुश्री राठौर के द्वारा बिना परिषद् की सक्षम स्वीकृति के अपने पंसदीदा एनजीओ को नियुक्त कर तथा परिषद् को भ्रमित कर बिना कार्य के उसे प्रतिमाह लगभग रूपए 2,00,000.00 का अनुचित लाभ प्रदान किया जा रहा है। साथ ही जल गंगा संवर्धन योजना के अंतर्गत नगर में फर्जी वॉटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कराया जाकर शासकीय राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है।
  2. यह कि सुश्री राठौर द्वारा अपनी मनमानी करते हुए बिना अध्यक्ष की अनुमति के परिषद की बैठकें आयोजित की जाती है तथा अध्यक्ष को धोखे में रखकर फाइलों में हस्ताक्षर कराए गए हैं तथा इनके द्वारा निरंतर अवैध कार्य किए जा रहे हैं, जिससे निकाय को आर्थिक क्षति हो रही है। उपरोक्त के अतिरिक्त सुश्री राठौर द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिसके कारण क्षेत्र में परिषद् की छवि खराब हो रही है।
  3. यह कि उपरोक्त के अतिरिक्त अध्यक्ष, नगर परिषद, शहपुरा द्वारा पूर्व में भी सुश्री रीना सिंह राठौर के विरूद्ध संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन विकास, संभाग-जबलपुर के समक्ष शिकायत की गई थी, जिसके दृष्टिगत संयुक्त संचालक द्वारा पत्र क्रमांक 3121/सा.शि./2-456/शहपुरा डि./2026 दिनांक 19.05.2026 के माध्यम से 3 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था एवं उक्त शिकायतों की जांच कराई जाकर पत्र क्रमांक 3937/ सा.शि./ दो-456/शहपुरा डि./2026 दिनांक 16.06.2026 के माध्यम से जांच प्रतिवेदन संचालनालय को प्रेषित किया गया है।
  4. यह कि उपरोक्त जांच प्रतिवेदन में संयुक्त संचालक द्वारा नगर परिषद, शहपुरा में स्वागत गेट की वास्तविक लागत से अधिक के देयक का आहरण किए जाने, किराये से वाहन लगाये जाने, बिना सक्षम स्वीकृति के डे-एनयूएलएम के अंतर्गत भुगतान किए जाने एवं मानस भवन स्थित डी ब्लाक की दुकान क्रमांक 35 से 40 तक की नीलामी में गंभीर अनियमितताएं किया जाना प्रतिवेदित किया गया है।
  5. यहां यह भी उल्लेखनीय है, कि सुश्री राठौर के विरूद्ध वर्तमान में 04 प्रकरणों में विभागीय जांच संस्थित है, जिसका विवरण निम्नानुसार है:-
  6. विवरण

नगरपालिका परिषद्, चंदरी में नामांतरण प्रकरणों की स्वीकृति, भवन निर्माण की अनुमति, ठेकेदार के देयकों का भुगतान एवं सामग्री क्रय में क्रय में की गयी अनियमितता के संबंध में।

  1. लोकायुक्त जांच प्रकरण क्रमांक 219/20 विरूद्ध नगर परिषद्, ब्यौहारी में चौड़ीकरण के नाम पर गुणवत्ताविहीन सड़क बनाए जाने के संबंध में।
  2. नगर परिषद्, नौरोजाबाद में मोबाईल टायलेट एवं काउ कैचर क्रय में अनियमितता के संबंध में।
  3. नगर परिषद्, चंदिया में वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में।
  4. यह कि उपरोक्त के अतिरिक्त मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास विभाग द्वारा आदेश क्रमांक एफ 6/3/0012/2024/18-1 दिनांक 16.01.2026 के माध्यम से सुश्री रीना सिंह राठौर तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर परिषद्, चंदिया के विरूद्ध अपराध प्रकरण क्रमांक 228/2019 में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है।
  5. उपरोक्त के दृष्टिगत यह स्पष्ट होता है, कि सुश्री राठौर जहां-जहां पदस्थ रही हैं वहां-वहां उनके द्वारा अनियमितांए की जाती रही हैं अर्थात् सुश्री राठौर अनियमिताएं करने की आदी हैं, जिसके परिणामस्वरूप ही उनके विरूद्ध विभागीय जांच एवं अपराधिक प्रकरण प्रचलित हैं। यहां उल्लेखनीय है, कि सुश्री राठौर द्वारा पूर्वानुसार ही वर्तमान पदस्थापना स्थल पर भी अनियमिताएं की जा रही हैं।

सुश्री राठौर द्वारा किया जा रहा उक्त कृत्य उनका अपने पदीय कर्त्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता का परिचायक है। साथ ही उनका यह कृत्य राज्य शासन एवं निकाय के प्रति के प्रति उनकी निष्ठा संदिग्ध होने का भी प्रमाण है। अतः उपरोक्त कृत्य के दृष्टिगत मध्यप्रदेश नगरपालिका सेवा (कार्यपालन) नियम, 1973 के नियम 36 (1) में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत सुश्री रीना सिंह राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में सुश्री राठौर का मुख्यालय कार्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास (यांत्रिकी प्रकोष्ठ), संभाग-जबलपुर रहेगा तथा निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

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