डिंडौरी : 12 मार्च, 2026
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन अंतर्गत जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विधायक शहपुरा ओमप्रकाश धुर्वे, अध्यक्ष जनपद पंचायत डिंडोरी श्रीमती आशा धुर्वे, अध्यक्ष जनपद पंचायत करंजिया हन्नु सिंह पट्टा, जिला सदस्य श्रीमती हीरा रूद्रेश परस्ते, जनपद सदस्य समनापुर श्रीमती पवंती कुशराम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी (उपाध्यक्ष जिला जल एवं स्वच्छता समिति), कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अफजल अमानुल्लाह, महाप्रबंधक जल निगम सहित समिति के सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वप्रथम जल जीवन मिशन अंतर्गत जल निगम द्वारा संचालित कार्यों की समीक्षा की गई। विधायक शहपुरा ओमप्रकाश धुर्वे ने जिले में निर्माणाधीन डैम के कारण कुछ ग्रामों एवं जल जीवन मिशन के अवयवों के संभावित डूब क्षेत्र में आने की संभावना व्यक्त की, जिस पर संबंधित स्थानों पर जल निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों को फिलहाल रोकने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पाइपलाइन निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों के शेष रोड रेस्टोरेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की रिपोर्ट एवं अनुशंसा होने पर सत्यापन किया जाएगा।
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई ग्राम पंचायतों को नल-जल योजनाएं हस्तांतरित किए जाने के बाद जल कर की वसूली, मरम्मत कार्य, पंप ऑपरेटर के भुगतान तथा मोटर पंप खराब होने पर मरम्मत नहीं कराए जाने के कारण योजनाओं का समुचित संचालन नहीं हो पा रहा है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष की स्थिति बनती है। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं सरपंच-सचिवों की बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने की बात कही गई।
ग्राम पंचायतों को निर्बाध जल प्रदाय सुनिश्चित करने के लिए 15वें वित्त आयोग की राशि से अतिरिक्त पेयजल स्रोत एवं मोटर पंप क्रय करने के निर्देश दिए गए। सीईओ जिला पचांयत के द्वारा सत्यापन कराने के उपरांत ही संबंधित ग्राम पंचायत को आवश्यकता के अनुसार पेयजल व्यवस्था सुदृढ करने के उददेश्य से राशि उपलब्ध कराई जाएगी जिससे ग्राम पंचायत में निवासरत लोगों को पानी की समस्या न आ सके।
बैठक में मैकेनिकल संकाय द्वारा नलकूप खनन की धीमी प्रगति पर जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई तथा कार्यपालन यंत्री मैकेनिकल को शीघ्र नलकूप खनन कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जिन ग्रामों में नल-जल योजना के निर्माण कार्य संविदाकारों द्वारा समय सीमा में पूर्ण नहीं किए जा रहे हैं, ऐसे संविदाकारों को ब्लैकलिस्टेड करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिन ग्रामों में नलकूप खनन की आवश्यकता है, उनकी सूची तैयार कर अनुशंसा सहित प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन को भेजी जाए, ताकि ग्रीष्मकाल में संभावित पेयजल समस्या से समय रहते राहत मिल सके। साथ ही सभी पेयजल स्रोतों का शीघ्र क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे जलजनित बीमारियों से बचाव किया जा सके। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विधायक निधि से गांवों में उपलब्ध कराए गए पानी के टैंकरों की आवश्यक मरम्मत कर उन्हें उपयोग योग्य बनाया जाए। इसके लिए ग्राम पंचायतों को आवश्यक राशि उपलब्ध कराते हुए टैंकरों को दुरुस्त करने के निर्देश जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा ग्राम पंचायत सचिवों को दिए गए।
उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि का उपयोग ग्रामों में पेयजल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में किया जाए तथा पानी के टैंकों और अन्य पेयजल स्रोतों की मरम्मत कर गांवों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे गर्मी के मौसम में पेयजल समस्या उत्पन्न न हो।
बैठक में विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने सुझाव दिया कि गर्मी के मौसम में गांवों में पानी की समस्या को देखते हुए पूर्व से तैयारी की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में कम से कम दो पेयजल स्रोत तैयार किए जाएं, ताकि एक स्रोत में पानी कम होने या समाप्त होने की स्थिति में दूसरे स्रोत से पानी की आपूर्ति की जा सके और पेयजल संकट की स्थिति न बने।
इस संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर समय पर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।












