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डिंडोरी। नवमी तिथि पर शाहपुरा नगर की बड़ी देवी बढ़िया व ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों के जवारे विसर्जित किए गए ,नगर की देवी मढ़िया के जवारे स्थानीय तालाब में विसर्जित किए गए इसी क्रम में ग्राम बरगांव में भ्रमण के बाद सिलगी नदी में जवारों का विसर्जन किया गया



जवारे विसर्जन नवरात्रि के आखिरी दिन किया जाता है, जो नवमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जवारों को नदी, तालाब या साफ बहते जल में विसर्जित किया जाता है। जवारे विसर्जन की परंपरा आस्था, प्रकृति और संस्कृति का सुंदर संगम है, जो हमें सिखाती है कि जीवन में हर शुरुआत को श्रद्धा और समर्पण के साथ करना चाहिए











