डिंडोरी।
जिले के शहपुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम डोमदादर में आंगनवाड़ी एवं प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए शौचालय भवन में भोजन बनाए जाने का मामला शहपुरा समाचार मे प्रकाशित किय जाने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में लापरवाही बरतने पर प्राथमिक शिक्षक माधो सिंह परस्ते को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कार्यालय सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग डिंडोरी द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि 28 मार्च 2026 को मीडिया में प्रसारित खबर को संज्ञान में लेते हुए बीआरसी शहपुरा के माध्यम से जांच कराई गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि नवंबर 2025 से सामुदायिक स्वच्छता परिसर (शौचालय भवन) में ही बच्चों का मध्याह्न भोजन तैयार किया जा रहा था, जो कि पूरी तरह अस्वच्छ और नियमों के विपरीत है।
आदेश में उल्लेख है कि भोजन बनाने के लिए उचित स्थान का चयन नहीं किया गया और इस गंभीर स्थिति की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी नहीं दी गई। इसे बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ मानते हुए संबंधित शिक्षक को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया।

इसी आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए शिक्षक माधो सिंह परस्ते को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शहपुरा निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर डिंडोरी, संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य जबलपुर, कोषालय अधिकारी डिंडोरी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी शहपुरा एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।
मामले में हुई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी लापरवाही अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











