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देवगांव में नल-जल योजना फेल! टूटी पाइपलाइन, पानी को तरसे ग्रामीण, मरम्मत के नाम पर लाखों का खेल किया सचिव ने

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शहपुरा – मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिला के जनपद पंचायत शहपुरा अनर्गत  ग्राम पंचायत देवगांव में नल-जल योजना पूरी तरह बेपटरी नजर आ रही है। गांव में जगह-जगह पाइपलाइन टूटी-फूटी पड़ी है, जिससे पानी की सप्लाई बाधित हो रही है और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी की शुरुआत होते ही गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को हफ्ते में मात्र दो दिन ही पानी नसीब हो पा रहा है। बाकी दिनों में लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं और गांव में त्राहि-त्राहि मची हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा पाइपलाइन का विस्तार तो किया गया, लेकिन गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह है कि जगह-जगह पाइप फूट रहे हैं और पानी बहकर बर्बाद हो रहा है।


सबसे गंभीर आरोप यह है कि नल-जल योजना की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपए का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार सचिव बलराम सैयाम ने  केवल कागजों में मरम्मत दिखाकर राशि निकाला है

समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने कई बार पंचायत और संबंधित एजेंसी को शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक देवगांव के ग्रामीण पानी के लिए तरसते रहेंगे? और कब जिम्मेदार अधिकारियों की नींद खुलेगी?

मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत देवगांव में नल-जल योजना की पोल खुलती नजर आ रही है। एक ओर जहां शासन ग्रामीणों को हर घर पानी पहुंचाने का दावा कर रहा है, वहीं देवगांव में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
जगह-जगह टूटी पाइपलाइन
ग्राम पंचायत देवगांव में नल-जल योजना की पाइपलाइन कई स्थानों पर टूटी और फूटी पड़ी है, जिससे पानी सप्लाई प्रभावित हो रही है।
पानी की भारी किल्लत
गर्मी की शुरुआत में ही हालात बिगड़ गए हैं। ग्रामीणों को सप्ताह में केवल 2 दिन ही पानी मिल पा रहा है।
पानी बहकर हो रहा बर्बाद
जहां एक ओर लोग पानी के लिए परेशान हैं, वहीं टूटी पाइपलाइन से लगातार पानी बहकर बर्बाद हो रहा है।
पाइपलाइन विस्तार में लापरवाही
ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन का विस्तार तो किया गया, लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिससे बार-बार पाइप फूट रहे हैं।
मरम्मत के नाम पर लाखों का भुगतान
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि नल-जल योजना की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपए निकाले जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा।
शिकायत के बाद भी नहीं कार्रवाई
ग्रामीणों द्वारा कई बार सचिव और संबंधित एजेंसियों को शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जिम्मेदारों पर उठे सवाल
पूरे मामले में पंचायत सचिव बलराम सैयाम और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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