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डिंडोरी में जंगली हाथियों का आतंक: दो दिन से गांव में डेरा, बैगा परिवार का आशियाना उजड़ा, किसानों की फसल तबाह

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डिंडोरी

जिले के ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथियों के आतंक से दहशत का माहौल बना हुआ है। लगातार दो दिनों से हाथियों का झुंड गांव के आसपास डेरा डाले हुए है, जिससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, डिंडोरी क्षेत्र के नए गांव और आसपास के इलाकों में बीती रात तीन जंगली हाथियों का झुंड अचानक घुस आया। इस दौरान ग्राम भुरकुर रैयत निवासी मंगल धुर्वे (बैगा समुदाय) के घर को भारी नुकसान पहुंचा। हाथियों ने घर में रखा अनाज पूरी तरह नष्ट कर दिया, वहीं धुर्वे का ये भी आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर निर्माण के लिए रखे गए करीब ₹1 लाख रुपये, जिन्हें धान की बोरी में सुरक्षित रखा गया था, हाथियों द्वारा निगल लिए जाने की बात सामने आई है।
घटना के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है।
वहीं, हाथियों के इस उत्पात से क्षेत्र के किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। किसान प्रेमलाल हनुमंत, नरहरी प्रसाद हनुमंत और डिंपल हनुमंत के खेतों में लगी गेहूं की फसल को हाथियों ने पूरी तरह रौंदकर बर्बाद कर दिया। किसानों का कहना है कि यही फसल उनके सालभर के भरण-पोषण का मुख्य आधार थी।


ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान जब फसल नष्ट हो रही थी, तब वन विभाग का अमला मौके पर मौजूद था, लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। अधिकारियों ने यह कहते हुए ग्रामीणों को रोक दिया कि किसी भी स्थिति में वन्य प्राणियों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए और नुकसान की भरपाई शासन द्वारा कराई जाएगी।
फिलहाल, गांव में हाथियों के डेरा जमाए रहने से ग्रामीणों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है। लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।


ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने और हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि वन विभाग कब तक इन हाथियों को गांव से बाहर करता है और क्षेत्र में सामान्य स्थिति कब बहाल होती है।

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