नल-जल योजनाओं के कार्यों में तेजी लाएं, समय-सीमा में पूर्ण करें:- कलेक्टर,सभी नल कनेक्शनों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित होने के बाद ही योजनाओं का हैंडओवर लेने के निर्देश

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डिंडौरी, 08 अक्टूबर 2026

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नलजल योजनाओं की स्वीकृति, जल जीवन मिशन की अद्यतन प्रगति, एकल नलजल योजनाओं तथा हर घर जल रिपोर्टेड, सर्टिफाइड एवं हस्तांतरित ग्रामों की स्थिति सहित विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में हर घर जल घोषित ग्रामों में हैंडओवर के लिए शेष कार्यों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित नलजल योजनाओं के सुधार एवं मरम्मत के लिए चिन्हित ग्रामों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले मंा एकल ग्राम योजना, समूह ग्राम योजना एवं ओवरलैप सहित कुल 904 ग्रामों में नलजल योजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें एकल ग्राम योजना के 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि हर घर जल रिपोर्टेड ग्रामों में 87 प्रतिशत कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने बारिश का दौर समाप्त होने के बाद निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नलजल योजनाओं का उद्देश्य केवल नल कनेक्शन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार के घर तक नियमित एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल पहुंचाना है। इसलिए अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण हों और ग्रामीणों को इसका वास्तविक लाभ मिले। उन्होंने कहा कि ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि नलजल योजनाओं की टेस्टिंग पूरी गंभीरता के साथ की जाए। जब तक सभी नल कनेक्शनों में पानी की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित न हो जाए, तब तक किसी भी योजना का हैंडओवर न लिया जाए। उन्होंने कहा कि हैंडओवर से पहले यह सुनिश्चित करें कि जलस्रोत, पाइपलाइन, पंप, मोटर एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के पूर्ण होने के बाद भी उनकी जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। कलेक्टर ने कहा कि अधिकारी केवल कागजों में कार्य पूर्ण होना सुनिश्चित न करें, बल्कि मौके पर जाकर यह देखें कि ग्रामीणों के घरों तक वास्तव में पानी पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा जहां कहीं तकनीकी अथवा अन्य समस्या के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है, उसका तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नलजल योजनाएं सीधे ग्रामीण परिवारों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ी हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। छोटी-छोटी कमियों के कारण कार्य लंबित न रखें और संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार आपसी समन्वय से समस्याओं का शीघ्र निराकरण करें। उन्होंने निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य नहीं होने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करने तथा बिना स्वीकृति अथवा गुणवत्ताहीन कार्य पाए जाने पर भुगतान रोकने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रत्येक सप्ताह योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने तथा कार्यों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिन ग्रामों में नलजल योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, वहां जलापूर्ति की स्थिति की भी नियमित समीक्षा की जाए और जहां सुधार अथवा मरम्मत की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

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