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शहपुरा। परीवा तिथि पर सुबह गोवर्धन जी का आकार बना सभी घरों में गोवर्धन पूजा की गई इसके बाद ग्रामीणों ने गौ माता को नहला कर उनको तरह तरह का कलर लगा कर फूलो से सजाया गया फिर घर मे बने पकवान ,पूड़ी खिचड़ी खिला कर पूजन उपरांत उनको मैदान में एकत्र किया गया।

मौनहारो ने चराई गौ माता

प्रथा अनुसार मौनहार मौनी चराने से पहले बछिया के नीचे से दंडवत करते हुये ब्रत धारण करते है व उसी क्रम से शाम को तोड़ते भी है।












