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शहपुरा पशु चिकित्सालय की लापरवाही उजागर, इमरजेंसी मरहम पट्टी तक नहीं ,घायल पशुओं के इलाज पर संकट, नगरवासियों ने विभाग पर लगाया उदासीनता का आरोप,

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शहपुरा – डिंडौरी जिले के शहपुरा स्थित पशु चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगरवासियों ने अस्पताल प्रबंधन और विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही एवं उदासीनता का आरोप लगाया है। आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी उपचार के लिए आवश्यक मलहम-पट्टी तक उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण घायल पशुओं को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक घायल पशु को उपचार के लिए शहपुरा पशु चिकित्सालय लाया गया, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर द्वारा यह कह दिया गया कि अस्पताल में ड्रेसिंग के लिए पट्टी उपलब्ध नहीं है। यह सुनकर पशुपालक और नगरवासी हैरान रह गए। लोगों का कहना है कि जब अस्पताल में प्राथमिक उपचार की मूलभूत सामग्री ही नहीं होगी, तो आपातकालीन स्थिति में पशुओं का इलाज आखिर कैसे किया जाएगा।


नगरवासियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से अस्पताल में मलहम-पट्टी और ड्रेसिंग सामग्री खत्म पड़ी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक इसकी पूर्ति कराने की जरूरत नहीं समझी। भीषण गर्मी और सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों के बीच घायल पशुओं की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में अस्पताल में इमरजेंसी सुविधा का अभाव गंभीर चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि शासन द्वारा पशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, फिर भी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। लोगों का कहना है कि यदि किसी गंभीर रूप से घायल पशु को तत्काल उपचार की आवश्यकता पड़े, तो अस्पताल की यह लापरवाही उसकी जान पर भारी पड़ सकती है।
नगरवासियों ने पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और अस्पताल में तत्काल आवश्यक दवाइयां एवं ड्रेसिंग सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं इस पूरे मामले ने शहपुरा पशु चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

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