कस्तूरी पिपरिया, करौंदी हायर सेकेंडरी में शिक्षक और बीआरसी शहपुरा के पद पर भी दे चुके हैं महत्वपूर्ण सेवाएं

डिण्डौरी। जनजाति कार्य विभाग (शिक्षा विभाग) में 43 वर्षों की लंबी और निष्कलंक शासकीय सेवा पूर्ण करने के उपरांत पीएमश्री शासकीय माध्यमिक शाला बांकी के प्रधानाध्यापक गोविन्द प्रसाद साहू 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर विद्यालय परिवार और संकुल के शिक्षकों द्वारा एक गरिमामयी विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन कर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
गोविन्द प्रसाद साहू का 43 वर्षों का सेवाकाल बेहद गौरवमयी और उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान कस्तूरी पिपरिया एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करौंदी में शिक्षक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। इसके अलावा उन्होंने विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) शहपुरा के पद पर रहते हुए विकासखंड की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और शैक्षणिक नवाचारों को लागू करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। वर्तमान में वे माध्यमिक शाला बांकी में प्रधान अध्यापक के पद पर पदस्थ थे।

विद्यालय प्रांगण में आयोजित विदाई समारोह में शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने जीपी साहू का शॉल, श्रीफल, पुष्पमाला और स्मृति चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। वक्ताओं ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि जीपी साहू एक कुशल प्रशासक, समर्पित शिक्षक और अनुशासनप्रिय मार्गदर्शक रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन में कई विद्यार्थियों का भविष्य संवरा।
भावुक क्षणों के बीच अपने संबोधन में जीपी साहू ने कहा, “शिक्षक के रूप में 43 वर्षों का सफर मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। सहकर्मियों का सहयोग और विद्यार्थियों का स्नेह हमेशा मेरी स्मृतियों में रहेगा।”
विद्यालय में विदाई कार्यक्रम संपन्न होने के बाद, उनके सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में उनके पैतृक निवास ग्राम करौंदी (तहसील शहपुरा) में भी पारिवारिक एवं सामाजिक सम्मान समारोह आयोजित कर उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सुखमय जीवन की मंगलकामना की गई।
इस दौरान संकुल प्राचार्य शिवचरण आर्मो, समाजसेवी मोहितलाल साहू, अजय कुमार साहू, लक्ष्मण प्रसाद साहू,तीरथ प्रसाद साहू, मूलचंद साहू, जनशिक्षक दिनेश साहू, छोटेलाल साहू,कंछेदी साहू, दशरथ साहू, मायाराम साहू, शिक्षक मोहब्बत लाल झारिया, विजय कुमार साहू, पत्रकार भीमशंकर साहू, शारदा नामदेव सहित परिवार जन, विद्यालय परिवार व ग्रामीण मौजूद रहे।










