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सार्थक ऐप से उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश का कृषि विस्तार अधिकारियों ने किया विरोध,मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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, महिला अधिकारियों की समस्याएं भी उठाईं

डिंडौरी। मध्यप्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ ने कृषि विस्तार अधिकारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विभाग द्वारा सार्थक ऐप के माध्यम से अनिवार्य उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश पर आपत्ति जताई गई है।
संघ का कहना है कि कृषि विस्तार अधिकारियों का अधिकांश समय गांव-गांव जाकर किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी देने और उनकी समस्याओं का समाधान करने में बीतता है। ऐसे में ऐप के माध्यम से अनिवार्य उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था उनके नियमित कार्य में परेशानी पैदा कर सकती है।
ज्ञापन में महिला कृषि विस्तार अधिकारियों की समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। संघ के अनुसार कई विकासखंडों में अधिकारियों के लिए शासकीय आवास और मूलभूत सुविधाओं की कमी है। एक अधिकारी के जिम्मे 40 से 50 गांव तक का क्षेत्र होता है, जिससे उन्हें देर शाम तक ग्रामीण क्षेत्रों में काम करना पड़ता है।
संघ ने बताया कि कृषि विस्तार अधिकारियों से विभागीय कार्यों के अलावा समर्थन मूल्य पर खरीदी, खाद वितरण, बीएलओ, एमआईआर सहित अन्य विभागों के कार्य भी कराए जाते हैं। ऐसे में सार्थक ऐप के जरिए अनिवार्य उपस्थिति दर्ज कराना उनके लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन सकता है।
संघ ने महिला अधिकारियों के लिए सुरक्षित आवास, आवश्यक सुविधाएं और यात्रा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इन व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए सार्थक ऐप से अनिवार्य उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश पर पुनर्विचार किया जाए।
संघ ने उम्मीद जताई है कि शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय लेगा।

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