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डिंडोरी। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन देवी दिवालों मे जल चढ़ाने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा,नवरात्र के प्रथम दिन ज्योति कलश व जवारे बोय गए , नवरात्रि के दौरान माता के जवारों का विशेष महत्व है। जवारे या जौ को माता की प्रतिमा या मूर्ति के पास बोया जाता है और नौ दिनों तक उनकी पूजा की जाती है। नवरात्रि के बाद जवारों को पवित्र नदी या तालाब में प्रवाहित करने की परंपरा है ¹।
जवारों का महत्व:
- जवारे माता की शक्ति और आशीर्वाद का प्रतीक हैं।
- जवारों को घर में रखने से सुख-समृद्धि और आर्थिक संपन्नता बढ़ती है।
- जवारों को पवित्र नदी में प्रवाहित करने से माता की कृपा प्राप्त होती है।
- जवारों को दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है












