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डिंडोरी। 17 सितंबर को देशभर में विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। इसे श्रम दिवस के रूप में भी जाना जाता है। भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना जाता है। इसी क्रम में शहपुरा नगर में भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति बाजार चौक में स्थापित की गई और हवन व भंडारे के साथ विसर्जन किया गया।
कारखानों और वर्कशॉप में पूजा:
सुबह से ही सभी नगर के में कारखानों, गैरेज में मशीनों और औजारों की पूजा की गई। कारीगरों, मजदूरों और इंजीनियरों ने अपने औजारों को साफ कर तिलक लगाया और भगवान विश्वकर्मा से तरक्की की कामना की।
क्यों मनाते हैं यह दिन?
मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही द्वारका, हस्तिनापुर और स्वर्गलोक जैसे नगरों का निर्माण किया था। इस दिन मशीनों की पूजा करने से काम में बाधा नहीं आती और कारोबार में वृद्धि होती है।










